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अगर बनना चाहते हैं बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ तो इन 4 चीजों पर करें फोकस, कà¤à¥€ नहीं होंगे निराश
खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² जिंदगी के लिठआचारà¥à¤¯ चाणकà¥à¤¯ ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप à¤à¥€ अपनी जिंदगी में सà¥à¤– और शांति चाहते हैं तो चाणकà¥à¤¯ के इन सà¥à¤µà¤¿à¤šà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को अपने जीवन में जरूर उतारिà¤à¥¤
आचारà¥à¤¯ चाणकà¥à¤¯ की नीतियां और विचार à¤à¤²à¥‡ ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ है। हम लोग à¤à¤¾à¤—दौड़ à¤à¤°à¥€ जिंदगी में इन विचारों को à¤à¤°à¥‡ ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचारà¥à¤¯ चाणकà¥à¤¯ के इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ विचारों में से आज हम à¤à¤• और विचार का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ करेंगे। आज का ये विचार बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनने के उपाय पर आधारित है।
'थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सà¥à¤¨à¤¨à¤¾- ये बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनने के लिठउपाय है।' आचारà¥à¤¯ चाणकà¥à¤¯
आचारà¥à¤¯ चाणकà¥à¤¯ के इस कथन का मतलब है कि बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनने के लिठइन चार चीजों का होना बेहद जरूरी है। ये चार चीजें थोड़ा पढ़ना, अधिक सोचना, कम बोलना और अधिक सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ हैं। जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में ये चार चीजें कूट कूटकर à¤à¤°à¥€ होती हैं उसका बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनना तय है। कई बार जिंदगी में à¤à¤¸à¥‡ मौके आते हैं जब इंसान को समय-समय पर अपनी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨à¥€ का परिचय देना होता है।
हर मनà¥à¤·à¥à¤¯ में à¤à¤°à¥€ होती है सांप की ये खतरनाक चीज, जरा सी गलती आपका कर देगी खातà¥à¤®à¤¾
दूसरा है कम बोलना। मनà¥à¤·à¥à¤¯ को हमेशा कम बोलना चाहिà¤à¥¤ कई लोग à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जो बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोलते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¸à¤¾ होता है कि जो बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोलते हैं वो अकà¥à¤¸à¤° लोगों की बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। à¤à¤¸à¤¾ करके कई बार वो अपना नà¥à¤•सान à¤à¥€ कर बैठते हैं। इसी वजह से हमेशा इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि दूसरों की बातें à¤à¥€ सà¥à¤¨à¥‡à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से आप अपना नà¥à¤•सान होने से रोक सकते हैं।
तीसरा है थोड़ा पढ़ना। मनà¥à¤·à¥à¤¯ हमेशा अपने जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को बढ़ाने के लिठकिताबों को पढ़ना पसंद करता है। लेकिन आचारà¥à¤¯ का कहना है कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ को थोड़ा ही पढ़ना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने में ही उसकी समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है।
इन 4 लोगों से अपनी बात मनवाने के लिठमनà¥à¤·à¥à¤¯ को अपनाना चाहिठये रासà¥à¤¤à¤¾, जीत निशà¥à¤šà¤¿à¤¤
चौथा है अधिक सà¥à¤¨à¤¨à¤¾à¥¤ मनà¥à¤·à¥à¤¯ को हमेशा दूसरों की बातें सà¥à¤¨à¤•र उससे जà¥à¤žà¤¾à¤¨ अरà¥à¤œà¤¿à¤¤ करते रहना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने वाला मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही अपने अंदर के जà¥à¤žà¤¾à¤¨ को और बढ़ा सकता है। इसलिठअगर आप दूसरों की बातों को हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से सà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और अचà¥à¤›à¥€ बातों को अपने अंदर उतारने की कोशिश करें। अगर आप इन चारों चीजों को सही से फॉलो करते हैं तो आप सही में बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ हैं। ये सारी चीजें ना केवल आपको बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनाà¤à¤‚गी बलà¥à¤•ि आपको à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ इंसान à¤à¥€ बनाने में मददगार होंगी।
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